मरीज़ों के लिए जानकारी ·
फाइब्रॉइड
3: गर्भाशय की मांसपेशी से बनी अलग गाँठ। यहाँ दीवार के भीतर का उदाहरण है।
एडेनोमायोसिस
3: मांसपेशी के भीतर अंदरूनी परत जैसा ऊतक; दीवार मोटी हो सकती है।
एंडोमेट्रियोसिस
3: गर्भाशय के बाहर, अंडाशय के आसपास भी, अंदरूनी परत जैसा ऊतक।
जब माहवारी रोज़मर्रा के जीवन में बाधा बने
हर यात्रा में शौचालय की चिंता, रात को पैड बदलने के लिए उठना या ऐंठन के कारण काम छूटना—इन परेशानियों पर ध्यान देना ज़रूरी है। मदद माँगने से पहले खून की कोई निश्चित मात्रा नापना आवश्यक नहीं। डॉक्टर को बताएँ कि माहवारी आपकी नींद, ऊर्जा और रोज़मर्रा के कामों पर क्या असर डालती है।
फाइब्रॉइड, एडेनोमायोसिस और एंडोमेट्रियोसिस के लक्षण मिलते-जुलते हो सकते हैं। ये शरीर में अलग-अलग बदलावों के नाम हैं और एक से अधिक स्थितियाँ साथ हो सकती हैं। जाँच का उद्देश्य आपके लक्षणों की वजह समझना और आपकी प्राथमिकताओं के अनुसार देखभाल तय करना है।
इन तीन स्थितियों में क्या अंतर है?
फाइब्रॉइड: गर्भाशय की मांसपेशी से बनी गाँठें
फाइब्रॉइड गर्भाशय की मांसपेशी से बनने वाली गैर-कैंसरयुक्त गाँठें हैं। ये अंदर की गुहा की ओर, दीवार के भीतर या बाहर की ओर बढ़ सकती हैं। कुछ से कोई तकलीफ़ नहीं होती। दूसरी गाँठें खून आने या दबाव की समस्या पैदा कर सकती हैं; उनके आकार के साथ स्थान भी मायने रखता है। स्कैन में मिला फाइब्रॉइड सभी लक्षणों की एकमात्र वजह हो, यह ज़रूरी नहीं।
एडेनोमायोसिस: मांसपेशी के भीतर अंदरूनी परत जैसा ऊतक
इसमें गर्भाशय की अंदरूनी परत जैसा ऊतक मांसपेशी की दीवार के भीतर होता है। गर्भाशय बड़ा हो सकता है और दबाने पर दर्द हो सकता है। ज़्यादा खून और दर्द वाली माहवारी इसके आम लक्षण हैं, हालाँकि कुछ लोगों में बहुत कम लक्षण होते हैं।
एंडोमेट्रियोसिस: गर्भाशय के बाहर अंदरूनी परत जैसा ऊतक
इसमें गर्भाशय की अंदरूनी परत जैसा ऊतक गर्भाशय के बाहर होता है, जैसे अंडाशय पर या पेल्विस की अंदरूनी सतह पर। आँत या मूत्राशय के आसपास के हिस्से भी प्रभावित हो सकते हैं। इससे सूजन, ऊतकों में चिपकाव और दर्द हो सकता है। यह एडेनोमायोसिस से अलग है, लेकिन दोनों साथ हो सकते हैं। एडेनोमायोसिस की NHS जानकारी (English) और एंडोमेट्रियोसिस की जानकारी (English) पढ़ें।
डॉक्टर को कौन-सी बातें बताएँ?
खून आने का ढंग: अचानक बहुत खून आना, थक्के, कपड़े भीगना, रात में पैड बदलना और माहवारी के कुल दिन नोट करें। हर एक-दो घंटे में पैड या टैम्पॉन बदलना पड़ता हो या खून सात दिन से अधिक आता हो तो चर्चा करें। अलग-अलग उत्पाद अलग मात्रा सोखते हैं, इसलिए सिर्फ पैड की गिनती से गंभीरता तय नहीं होती।
दर्द और दबाव: दर्द कब शुरू होता है और क्या माहवारी के बीच भी रहता है, यह लिखें। संभोग, पेशाब या मल त्याग के समय दर्द भी बताएँ, खासकर अगर वह माहवारी के चक्र से जुड़ा हो। पेट के निचले हिस्से में दबाव, कब्ज़ या बार-बार पेशाब फाइब्रॉइड के साथ हो सकते हैं, लेकिन दूसरी वजहें भी संभव हैं।
ऊर्जा: असामान्य थकान, धड़कन तेज़ लगना या साँस फूलना बताएँ। लगातार खून जाने से आयरन की कमी और एनीमिया हो सकता है। खून आना नियंत्रित करने के साथ हीमोग्लोबिन बढ़ाने का उपचार भी चाहिए हो सकता है।
खून आने का ढंग
दिन, अचानक ज़्यादा खून, थक्के और पैड बदलने की आवृत्ति लिखें।
दर्द का ढंग
कहाँ दर्द है और माहवारी, संभोग, पेशाब या मल से उसका संबंध लिखें।
रोज़मर्रा पर असर
काम छूटना, नींद टूटना, थकान और साँस फूलना भी बताएँ।
डॉक्टर की मदद कब लेनी चाहिए?
तुरंत आपातकालीन चिकित्सा लें अगर बहुत खून आने के साथ बेहोशी, तेज़ चक्कर, सीने में दर्द या साँस लेने में परेशानी हो, या अचानक बहुत तेज़ अथवा बढ़ता हुआ पेल्विक दर्द हो। गर्भधारण की संभावना हो और दर्द के साथ खून आए तो तत्काल जाँच ज़रूरी है; गर्भाशय के बाहर गर्भ ठहरना भी एक संभावित कारण है। गुजरात में आपातकालीन एम्बुलेंस के लिए 108 पर कॉल करें। बेहोशी जैसा लगे तो खुद वाहन न चलाएँ।
लक्षण बार-बार दैनिक काम रोकते हों, दर्द बढ़ रहा हो, या दो माहवारियों के बीच अथवा संभोग के बाद खून आता हो तो डॉक्टर से मिलें। रजोनिवृत्ति के बाद किसी भी रक्तस्राव की जाँच होनी चाहिए। पेल्विक दर्द के साथ बुखार या असामान्य स्राव हो तो जल्द सलाह लें। पेल्विक दर्द के चेतावनी संकेत (English) भी पढ़ सकते हैं।
क्या कोई और कारण हो सकता है?
हाँ। गर्भाशय के अंदर पॉलिप, अंडा निकलने की प्रक्रिया में बदलाव, खून जमने के विकार, कुछ दवाएँ और कॉपर-टी ज़्यादा खून आने में योगदान दे सकते हैं। पेल्विक संक्रमण, अंडाशय की सिस्ट, आँत या मूत्राशय की समस्या और पेल्विक-फ्लोर की मांसपेशियों की तकलीफ़ भी दर्द दे सकती है। जहाँ लागू हो, गर्भावस्था से जुड़े रक्तस्राव को भी ध्यान में रखना होता है। कभी-कभी असामान्य खून आना गर्भाशय की अंदरूनी परत के ऐसे बदलाव का संकेत होता है जिसकी आगे जाँच चाहिए।
सभी दवाओं की सूची लाएँ, विशेषकर खून जमने पर असर करने वाली दवाओं की। डॉक्टर की लिखी दवाएँ खुद बंद न करें। ज़्यादा माहवारी वाले लक्षणों का पन्ना शुरुआती जानकारी देता है।
जाँच से क्या पता चल सकता है?
स्त्रीरोग विशेषज्ञ आपके चक्र, लक्षण, पहले हुए उपचार और गर्भधारण की योजना के बारे में पूछेंगे। शारीरिक जाँच उपयोगी हो सकती है; उसे समझाकर आपकी सहमति लेनी चाहिए। अंदरूनी जाँच या स्कैन को लेकर चिंता हो तो बताएँ ताकि विकल्पों पर बात हो सके।
- ब्लड काउंट: हीमोग्लोबिन और खून की कमी का पता चलता है। आयरन की जाँच या प्रेग्नेंसी टेस्ट जैसी दूसरी जाँचें स्थिति के अनुसार होती हैं।
- पेल्विक अल्ट्रासाउंड: फाइब्रॉइड, गर्भाशय की दीवार और अंडाशय देखने में मदद करता है। उचित और आपको स्वीकार्य हो तो योनि के रास्ते किया गया स्कैन अधिक विवरण दे सकता है।
- MRI: कुछ निष्कर्ष स्पष्ट करने, गहरे एंडोमेट्रियोसिस का आकलन करने या प्रक्रिया की योजना बनाने में उपयोगी हो सकता है। हर व्यक्ति को इसकी ज़रूरत नहीं होती।
- हिस्टेरोस्कोपी या ऊतक का नमूना: कुछ तरह के रक्तस्राव या जोखिम कारकों में गर्भाशय की गुहा और अंदरूनी परत की जाँच के लिए सलाह दी जा सकती है। हिस्टेरोस्कोपी में गर्भाशय-मुख से पतला कैमरा अंदर जाता है।
अल्ट्रासाउंड सामान्य होने पर भी एंडोमेट्रियोसिस हो सकता है। लक्षण बने रहें तो विशेषज्ञ से आगे की जाँच चाहिए हो सकती है। चुनिंदा मामलों में पेट के छोटे छिद्रों से कैमरे की जाँच, यानी लैप्रोस्कोपी, पर विचार होता है। NICE की एंडोमेट्रियोसिस गाइडलाइन (English) यह समझाती है।
खून की कमी की जाँच
ब्लड काउंट से हीमोग्लोबिन जाँचा जाता है; आगे की जाँच ज़रूरत के अनुसार होती है।
अंगों की बनावट समझें
अल्ट्रासाउंड अक्सर उपयोगी है। कुछ मामलों में MRI या दूसरी जाँच चाहिए।
अगला कदम तय करें
लक्षण, रिपोर्ट, गर्भधारण की योजना और उपचार की पसंद साथ में चर्चा करें।
उपचार कैसे अलग होता है?
उपचार में लक्षण, संभावित कारण और आपकी प्राथमिकताएँ साथ देखी जाती हैं। तकलीफ़ न देने वाले फाइब्रॉइड की निगरानी की जा सकती है। ज़्यादा खून या दर्द में दवाएँ मदद कर सकती हैं: इनमें खून कम करने की दवा, सूजन और दर्द घटाने की दवा तथा हार्मोनल उपचार शामिल हैं। कुछ लोगों के लिए हार्मोन छोड़ने वाला इंट्रायूटेरिन सिस्टम उपयोगी होता है। चुनाव से पहले आपकी सेहत और गर्भधारण की योजना देखना ज़रूरी है।
फाइब्रॉइड में ऑपरेशन से गर्भाशय बचाकर गाँठें हटाई जा सकती हैं (मायोमेक्टॉमी), या गर्भाशय निकाला जा सकता है (हिस्टेरेक्टॉमी)। गुहा में उभरे कुछ फाइब्रॉइड गर्भाशय-मुख के रास्ते हट सकते हैं। एम्बोलाइज़ेशन और चुनिंदा एब्लेशन तकनीकें भी चर्चा के विकल्प हैं। फाइब्रॉइड उपचार की विस्तृत गाइड (English) में तुलना है।
एडेनोमायोसिस में अक्सर लक्षण नियंत्रित करने वाली दवाओं या हार्मोनल इंट्रायूटेरिन सिस्टम से शुरुआत होती है। गंभीर लक्षण बने रहें तो स्त्रीरोग विशेषज्ञ हिस्टेरेक्टॉमी सहित अगले विकल्प समझा सकते हैं। एंडोमेट्रियोसिस में दर्द का उपचार, हार्मोनल दवाएँ या विशेषज्ञ सर्जरी की ज़रूरत हो सकती है; जहाँ ज़रूरी हो, प्रजनन और लंबे समय के दर्द के लिए भी सहायता दी जाती है। केवल गर्भाशय निकालने से एंडोमेट्रियोसिस का दर्द खत्म होने की गारंटी नहीं मिलती।
इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी कहाँ मदद कर सकती है?
फाइब्रॉइड के कारण लक्षण वाले चुनिंदा लोगों में यूटेरिन आर्टरी एम्बोलाइज़ेशन गर्भाशय बचाते हुए फाइब्रॉइड छोटा करने का विकल्प है। इंटरवेंशनल रेडियोलॉजिस्ट धमनी में पतला कैथेटर पहुँचाकर छोटे कण देते हैं, जिससे फाइब्रॉइड की रक्त-आपूर्ति कम होती है।
निर्णय में स्कैन, रक्तस्राव का ढंग, दूसरे संभावित कारण और भविष्य की गर्भधारण योजना देखी जाती है। प्रक्रिया के बाद दर्द, संक्रमण, अंडाशय के काम पर संभावित असर और दोबारा उपचार की संभावना पर बात करें। यह एंडोमेट्रियोसिस का सामान्य उपचार नहीं है। एडेनोमायोसिस के लिए अलग विशेषज्ञ चर्चा चाहिए; फाइब्रॉइड की उपचार योजना को अपने-आप उस पर लागू नहीं किया जा सकता।
एम्बोलाइज़ेशन के बाद ऐंठन और थकान हो सकती है, इसलिए सहायता और आराम का समय रखें। सुधार और गाँठ का छोटा होना समय के साथ होता है। काम पर वापसी आपकी रिकवरी और काम के प्रकार पर निर्भर है। ACR/RSNA की उपचार जानकारी (English) और Guy’s and St Thomas’ की रिकवरी सलाह (English) पढ़ें।
भविष्य में गर्भधारण करना हो तो?
यह बात शुरुआत में ही बताएँ, भले अभी केवल भविष्य की संभावना हो। गर्भाशय बचना और प्रजनन क्षमता सुरक्षित रहना अलग बातें हैं। मायोमेक्टॉमी, एम्बोलाइज़ेशन और एब्लेशन के प्रभाव अलग होते हैं; निर्णय से पहले स्त्रीरोग विशेषज्ञ और IR टीम से उपलब्ध प्रमाण तथा अनिश्चितताओं पर बात करें।
एंडोमेट्रियल एब्लेशन और फाइब्रॉइड एब्लेशन अलग हैं। पहले में खून कम करने के लिए अंदरूनी परत का उपचार होता है; दूसरे में फाइब्रॉइड को लक्ष्य बनाया जाता है। भविष्य में गर्भधारण चाहती हों तो एंडोमेट्रियल एब्लेशन उपयुक्त नहीं है। इससे गर्भनिरोध नहीं होता और इसके बाद गर्भावस्था खतरनाक हो सकती है। हिस्टेरेक्टॉमी के बाद आप गर्भ धारण नहीं कर सकतीं। एंडोमेट्रियोसिस के उपचार में भी यह ध्यान रखना होता है कि क्या आप गर्भधारण का प्रयास कर रही हैं।
परामर्श में पूछने के लिए सवाल
- मेरे खून आने या दर्द की सबसे संभावित वजह कौन-सी है? क्या दो स्थितियाँ साथ हैं?
- क्या खून की कमी है और उसका उपचार कैसे होगा?
- पहले क्या आज़मा सकते हैं और असर की समीक्षा कब होगी?
- हर विकल्प का गर्भधारण, रिकवरी और दोबारा प्रक्रिया की संभावना पर क्या असर है?
- इंतज़ार करते समय खून या दर्द बढ़े तो क्या करूँ?
पुराने स्कैन और रिपोर्ट, दवाओं की सूची और लक्षणों का संक्षिप्त रिकॉर्ड लाएँ। परामर्श की तैयारी वाला पन्ना इन्हें व्यवस्थित करने में मदद कर सकता है।
आम सवाल
क्या ये स्थितियाँ साथ हो सकती हैं?
हाँ। फाइब्रॉइड मिलने पर भी एडेनोमायोसिस या एंडोमेट्रियोसिस हो सकता है। एक निदान पहले से मालूम हो तब भी लगातार लक्षणों की समीक्षा ज़रूरी है।
क्या ज़्यादा खून आने का मतलब हमेशा फाइब्रॉइड है?
नहीं। रक्तस्राव का ढंग, शारीरिक जाँच और उचित परीक्षण कारण समझने में मदद करते हैं। लक्षणों की सूची से निदान तय नहीं होता।
स्कैन सामान्य हो तो क्या दर्द को नज़रअंदाज़ कर दूँ?
नहीं। बताएँ कि दर्द कौन-से काम करने से रोकता है और बना रहे तो दोबारा सलाह लें। एंडोमेट्रियोसिस जैसे कुछ कारणों में सामान्य अल्ट्रासाउंड से आगे की जाँच चाहिए हो सकती है।
स्रोत
संदर्भ अंग्रेज़ी में हैं
- NHS: fibroids
- NHS: adenomyosis
- NHS: endometriosis
- NHS: heavy periods
- NHS: pelvic pain and urgent symptoms
- NICE NG88: assessment and management of heavy menstrual bleeding
- NICE NG73: diagnosis and management of endometriosis
- ACR/RSNA: uterine fibroid treatment
- Guy’s and St Thomas’: recovery after fibroid embolisation
- Leeds Teaching Hospitals: endometrial ablation and pregnancy
- Ahmedabad District: ambulance helpline
- Cambridge University Hospitals: copper intrauterine devices and bleeding
यह सामान्य शैक्षिक जानकारी है, व्यक्तिगत निदान या उपचार की योजना नहीं। डॉक्टर की पृष्ठभूमि (English) · वेबसाइट की जानकारी (English)
