Dr Nachiket Kaneria — Interventional & Neurointerventional RadiologyDr Nachiket KaneriaInterventional &
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उपचार की प्रक्रिया समझें

इमेजिंग की मदद से होने वाली प्रक्रियाएँ चित्रों से समझें। हर चित्र में शरीर की सरल बनावट, उपकरण का रास्ता और उपचार का उद्देश्य दिखाया गया है।

ये चित्र प्रक्रिया समझने में मदद करते हैं। तीन चरणों में तरीका और उद्देश्य दिखाया गया है; परिणाम की गारंटी नहीं है। हर मरीज़ की बनावट, उपचार का रास्ता और उपकरण अलग हो सकते हैं। व्यक्तिगत उपचार की योजना डॉक्टर के साथ तय होती है।

धमनियाँनसेंउपचार या उपकरणसमस्या या पित्त/पेशाब का रास्ता, जैसा लिखा है

मस्तिष्क और स्ट्रोक

मस्तिष्क की धमनी में फँसा रक्त का थक्का

01बड़ी धमनी में रुकावट

बड़ी धमनी में रुकावटअस्थायी स्टेंट रिट्रीवर को थक्के के साथ बाहर निकाला जाता है। सक्शन से थक्का खींचना दूसरा तरीका है। आपातकालीन स्कैन से तय होता है कि यह उपचार उचित है या नहीं; इससे ठीक होने की गारंटी नहीं मिलती।मस्तिष्क में जाने वाली धमनीमस्तिष्क की धमनीथक्का

02उपकरण थक्के को पकड़ता है

उपकरण थक्के को पकड़ता हैअस्थायी स्टेंट रिट्रीवर को थक्के के साथ बाहर निकाला जाता है। सक्शन से थक्का खींचना दूसरा तरीका है। आपातकालीन स्कैन से तय होता है कि यह उपचार उचित है या नहीं; इससे ठीक होने की गारंटी नहीं मिलती।मस्तिष्क में जाने वाली धमनीमस्तिष्क की धमनीथक्का

03उद्देश्य: रक्त का प्रवाह बहाल करना

उद्देश्य: रक्त का प्रवाह बहाल करनाअस्थायी स्टेंट रिट्रीवर को थक्के के साथ बाहर निकाला जाता है। सक्शन से थक्का खींचना दूसरा तरीका है। आपातकालीन स्कैन से तय होता है कि यह उपचार उचित है या नहीं; इससे ठीक होने की गारंटी नहीं मिलती।मस्तिष्क में जाने वाली धमनीमस्तिष्क की धमनीउद्देश्य: धमनी फिर से खोलना
सरल चित्र। अस्थायी स्टेंट रिट्रीवर को थक्के के साथ बाहर निकाला जाता है। सक्शन से थक्का खींचना दूसरा तरीका है। आपातकालीन स्कैन से तय होता है कि यह उपचार उचित है या नहीं; इससे ठीक होने की गारंटी नहीं मिलती।
मस्तिष्क की धमनी में गुब्बारे जैसा उभार

01धमनी से जुड़ा एन्यूरिज़्म

धमनी से जुड़ा एन्यूरिज़्मकॉइल एन्यूरिज़्म की थैली में रहती हैं; मुख्य धमनी खुली रखी जाती है। बाद की जाँच में देखा जाता है कि उभार बंद है या नहीं। कुछ मामलों में दोबारा उपचार की ज़रूरत होती है।मस्तिष्क में जाने वाली धमनीमस्तिष्क की धमनीएन्यूरिज़्म

02उभार के भीतर कॉइल डाली जाती हैं

उभार के भीतर कॉइल डाली जाती हैंकॉइल एन्यूरिज़्म की थैली में रहती हैं; मुख्य धमनी खुली रखी जाती है। बाद की जाँच में देखा जाता है कि उभार बंद है या नहीं। कुछ मामलों में दोबारा उपचार की ज़रूरत होती है।मस्तिष्क में जाने वाली धमनीमस्तिष्क की धमनीएन्यूरिज़्म

03उद्देश्य: उभार में रक्त का प्रवेश रोकना

उद्देश्य: उभार में रक्त का प्रवेश रोकनाकॉइल एन्यूरिज़्म की थैली में रहती हैं; मुख्य धमनी खुली रखी जाती है। बाद की जाँच में देखा जाता है कि उभार बंद है या नहीं। कुछ मामलों में दोबारा उपचार की ज़रूरत होती है।मस्तिष्क में जाने वाली धमनीमस्तिष्क की धमनीएन्यूरिज़्ममुख्य धमनी खुली रहती है
सरल चित्र। कॉइल एन्यूरिज़्म की थैली में रहती हैं; मुख्य धमनी खुली रखी जाती है। बाद की जाँच में देखा जाता है कि उभार बंद है या नहीं। कुछ मामलों में दोबारा उपचार की ज़रूरत होती है।
कुछ मस्तिष्क एन्यूरिज़्म का एक और उपचार

01मुख्य धमनी से जुड़ा उभार

मुख्य धमनी से जुड़ा उभारफ़्लो डायवर्टर मुख्य धमनी में रहता है। एन्यूरिज़्म समय के साथ बंद होता है। मरीज़ का चयन और देखभाल करते समय प्लेटलेट्स को चिपकने से रोकने वाली दवाएँ तथा नियमित जाँच आवश्यक हैं।मस्तिष्क में जाने वाली धमनीमस्तिष्क की धमनीएन्यूरिज़्म

02जाली वाला उपकरण मुहाने पर रखा जाता है

जाली वाला उपकरण मुहाने पर रखा जाता हैफ़्लो डायवर्टर मुख्य धमनी में रहता है। एन्यूरिज़्म समय के साथ बंद होता है। मरीज़ का चयन और देखभाल करते समय प्लेटलेट्स को चिपकने से रोकने वाली दवाएँ तथा नियमित जाँच आवश्यक हैं।मस्तिष्क में जाने वाली धमनीमस्तिष्क की धमनीएन्यूरिज़्म

03उद्देश्य: रक्त को धमनी में आगे बहाना

उद्देश्य: रक्त को धमनी में आगे बहानाफ़्लो डायवर्टर मुख्य धमनी में रहता है। एन्यूरिज़्म समय के साथ बंद होता है। मरीज़ का चयन और देखभाल करते समय प्लेटलेट्स को चिपकने से रोकने वाली दवाएँ तथा नियमित जाँच आवश्यक हैं।मस्तिष्क में जाने वाली धमनीमस्तिष्क की धमनीएन्यूरिज़्ममुख्य धमनी खुली रहती है
सरल चित्र। फ़्लो डायवर्टर मुख्य धमनी में रहता है। एन्यूरिज़्म समय के साथ बंद होता है। मरीज़ का चयन और देखभाल करते समय प्लेटलेट्स को चिपकने से रोकने वाली दवाएँ तथा नियमित जाँच आवश्यक हैं।
मस्तिष्क में असामान्य रक्त वाहिकाओं का गुच्छा

01धमनियों और नसों के बीच गुच्छा

धमनियों और नसों के बीच गुच्छामस्तिष्क के एवीएम में रक्त लाने वाली धमनियों और वापस ले जाने वाली नसों के बीच असामान्य वाहिकाओं का गुच्छा होता है, जिसे नाइडस कहते हैं। एम्बोलाइज़ेशन कई चरणों में या सर्जरी अथवा रेडियोसर्जरी के साथ किया जा सकता है।असामान्य वाहिकाओं का गुच्छाआने वाली धमनीवापस जाने वाली नस

02कैथेटर चुनी हुई धमनी तक पहुँचता है

कैथेटर चुनी हुई धमनी तक पहुँचता हैमस्तिष्क के एवीएम में रक्त लाने वाली धमनियों और वापस ले जाने वाली नसों के बीच असामान्य वाहिकाओं का गुच्छा होता है, जिसे नाइडस कहते हैं। एम्बोलाइज़ेशन कई चरणों में या सर्जरी अथवा रेडियोसर्जरी के साथ किया जा सकता है।असामान्य वाहिकाओं का गुच्छाआने वाली धमनीवापस जाने वाली नस

03विशेष पदार्थ से वाहिकाएँ बंद करना

विशेष पदार्थ से वाहिकाएँ बंद करनामस्तिष्क के एवीएम में रक्त लाने वाली धमनियों और वापस ले जाने वाली नसों के बीच असामान्य वाहिकाओं का गुच्छा होता है, जिसे नाइडस कहते हैं। एम्बोलाइज़ेशन कई चरणों में या सर्जरी अथवा रेडियोसर्जरी के साथ किया जा सकता है।असामान्य वाहिकाओं का गुच्छाआने वाली धमनीवापस जाने वाली नसचुनी हुई असामान्य वाहिकाओं का उपचार
सरल चित्र। मस्तिष्क के एवीएम में रक्त लाने वाली धमनियों और वापस ले जाने वाली नसों के बीच असामान्य वाहिकाओं का गुच्छा होता है, जिसे नाइडस कहते हैं। एम्बोलाइज़ेशन कई चरणों में या सर्जरी अथवा रेडियोसर्जरी के साथ किया जा सकता है।
मस्तिष्क की बाहरी झिल्ली में असामान्य जोड़

01झिल्ली की धमनी सीधे नस से जुड़ती है

झिल्ली की धमनी सीधे नस से जुड़ती हैड्यूरल फिस्टुला में धमनी और नस का सीधा जोड़ होता है; एवीएम जैसा नाइडस नहीं होता। नसों से रक्त किस दिशा में निकल रहा है, इससे जोखिम और उपचार का रास्ता तय होता है।ड्यूरल वेनस साइनसधमनी और नस का सीधा जोड़आने वाली धमनीवापस जाने वाली नस

02कैथेटर जोड़ तक पहुँचता है

कैथेटर जोड़ तक पहुँचता हैड्यूरल फिस्टुला में धमनी और नस का सीधा जोड़ होता है; एवीएम जैसा नाइडस नहीं होता। नसों से रक्त किस दिशा में निकल रहा है, इससे जोखिम और उपचार का रास्ता तय होता है।ड्यूरल वेनस साइनसधमनी और नस का सीधा जोड़आने वाली धमनीवापस जाने वाली नस

03उद्देश्य: असामान्य रास्ता बंद करना

उद्देश्य: असामान्य रास्ता बंद करनाड्यूरल फिस्टुला में धमनी और नस का सीधा जोड़ होता है; एवीएम जैसा नाइडस नहीं होता। नसों से रक्त किस दिशा में निकल रहा है, इससे जोखिम और उपचार का रास्ता तय होता है।ड्यूरल वेनस साइनसधमनी और नस का सीधा जोड़आने वाली धमनीवापस जाने वाली नसचुनी हुई असामान्य वाहिकाओं का उपचार
सरल चित्र। ड्यूरल फिस्टुला में धमनी और नस का सीधा जोड़ होता है; एवीएम जैसा नाइडस नहीं होता। नसों से रक्त किस दिशा में निकल रहा है, इससे जोखिम और उपचार का रास्ता तय होता है।
आँख के पीछे असामान्य रक्त वाहिका जोड़

01धमनी नसों वाले स्थान में खुलती है

धमनी नसों वाले स्थान में खुलती हैकैरोटिड-कैवर्नस फिस्टुला में कैवर्नस साइनस शामिल होता है। उल्टे प्रवाह से आँख की नसें फैल सकती हैं। प्रकार के अनुसार धमनी या नस के रास्ते उपचार किया जा सकता है।आँखअंदरूनी कैरोटिडमस्तिष्क को जाने वाली धमनीकैवर्नस साइनस

02वाहिकाओं के भीतर से जोड़ तक पहुँचना

वाहिकाओं के भीतर से जोड़ तक पहुँचनाकैरोटिड-कैवर्नस फिस्टुला में कैवर्नस साइनस शामिल होता है। उल्टे प्रवाह से आँख की नसें फैल सकती हैं। प्रकार के अनुसार धमनी या नस के रास्ते उपचार किया जा सकता है।आँखअंदरूनी कैरोटिडमस्तिष्क को जाने वाली धमनीकैवर्नस साइनस

03उद्देश्य: नसों का असामान्य दबाव घटाना

उद्देश्य: नसों का असामान्य दबाव घटानाकैरोटिड-कैवर्नस फिस्टुला में कैवर्नस साइनस शामिल होता है। उल्टे प्रवाह से आँख की नसें फैल सकती हैं। प्रकार के अनुसार धमनी या नस के रास्ते उपचार किया जा सकता है।आँखअंदरूनी कैरोटिडमस्तिष्क को जाने वाली धमनीकैवर्नस साइनस
सरल चित्र। कैरोटिड-कैवर्नस फिस्टुला में कैवर्नस साइनस शामिल होता है। उल्टे प्रवाह से आँख की नसें फैल सकती हैं। प्रकार के अनुसार धमनी या नस के रास्ते उपचार किया जा सकता है।
गर्दन की धमनी में संकुचन

01जमाव से कैरोटिड धमनी संकरी होती है

जमाव से कैरोटिड धमनी संकरी होती हैबाहरी कैरोटिड की शाखाएँ गर्दन में निकलती हैं; अंदरूनी कैरोटिड के गर्दन वाले हिस्से में शाखाएँ नहीं होतीं। आगे लगाया गया फ़िल्टर सुरक्षा का एक तरीका है। उपचार चुनते समय दवाओं और सर्जरी के विकल्प भी देखे जाते हैं।कॉमन कैरोटिडअंदरूनी कैरोटिडबाहरी कैरोटिड

02गुब्बारा और सुरक्षा उपकरण

गुब्बारा और सुरक्षा उपकरणबाहरी कैरोटिड की शाखाएँ गर्दन में निकलती हैं; अंदरूनी कैरोटिड के गर्दन वाले हिस्से में शाखाएँ नहीं होतीं। आगे लगाया गया फ़िल्टर सुरक्षा का एक तरीका है। उपचार चुनते समय दवाओं और सर्जरी के विकल्प भी देखे जाते हैं।कॉमन कैरोटिडअंदरूनी कैरोटिडबाहरी कैरोटिडसुरक्षा फ़िल्टर

03स्टेंट धमनी को खुला रखने में मदद करता है

स्टेंट धमनी को खुला रखने में मदद करता हैबाहरी कैरोटिड की शाखाएँ गर्दन में निकलती हैं; अंदरूनी कैरोटिड के गर्दन वाले हिस्से में शाखाएँ नहीं होतीं। आगे लगाया गया फ़िल्टर सुरक्षा का एक तरीका है। उपचार चुनते समय दवाओं और सर्जरी के विकल्प भी देखे जाते हैं।कॉमन कैरोटिडअंदरूनी कैरोटिडबाहरी कैरोटिडसंकरे हिस्से में स्टेंट
सरल चित्र। बाहरी कैरोटिड की शाखाएँ गर्दन में निकलती हैं; अंदरूनी कैरोटिड के गर्दन वाले हिस्से में शाखाएँ नहीं होतीं। आगे लगाया गया फ़िल्टर सुरक्षा का एक तरीका है। उपचार चुनते समय दवाओं और सर्जरी के विकल्प भी देखे जाते हैं।
मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं को समझना

01धमनी में कैथेटर रखा जाता है

धमनी में कैथेटर रखा जाता हैमस्तिष्क की एंजियोग्राफी में कैथेटर, कॉन्ट्रास्ट और एक्स-रे से रक्त वाहिकाएँ देखी जाती हैं। यह उपचार की योजना में मदद कर सकती है, लेकिन इसमें वाहिका की चोट और स्ट्रोक सहित जोखिम होते हैं।मस्तिष्क में जाने वाली धमनीमस्तिष्क की धमनी

02कॉन्ट्रास्ट से शाखाएँ दिखाई देती हैं

कॉन्ट्रास्ट से शाखाएँ दिखाई देती हैंमस्तिष्क की एंजियोग्राफी में कैथेटर, कॉन्ट्रास्ट और एक्स-रे से रक्त वाहिकाएँ देखी जाती हैं। यह उपचार की योजना में मदद कर सकती है, लेकिन इसमें वाहिका की चोट और स्ट्रोक सहित जोखिम होते हैं।मस्तिष्क में जाने वाली धमनीमस्तिष्क की धमनी

03चित्रों से निदान और योजना में मदद

चित्रों से निदान और योजना में मददमस्तिष्क की एंजियोग्राफी में कैथेटर, कॉन्ट्रास्ट और एक्स-रे से रक्त वाहिकाएँ देखी जाती हैं। यह उपचार की योजना में मदद कर सकती है, लेकिन इसमें वाहिका की चोट और स्ट्रोक सहित जोखिम होते हैं।मस्तिष्क में जाने वाली धमनीमस्तिष्क की धमनीचित्रों में वाहिकाओं का विवरण
सरल चित्र। मस्तिष्क की एंजियोग्राफी में कैथेटर, कॉन्ट्रास्ट और एक्स-रे से रक्त वाहिकाएँ देखी जाती हैं। यह उपचार की योजना में मदद कर सकती है, लेकिन इसमें वाहिका की चोट और स्ट्रोक सहित जोखिम होते हैं।

थायरॉइड, सिर और गर्दन

थायरॉइड की ठोस, गैर-कैंसर वाली गाँठ

01थायरॉइड के भीतर गाँठ

थायरॉइड के भीतर गाँठयह गर्दन के आड़े काट का सरल चित्र है; गर्दन का अगला हिस्सा ऊपर है। एंटेना त्वचा और थायरॉइड के बीच के हिस्से, यानी इस्थमस, से होकर श्वासनली के ऊपर लक्ष्य की ओर जाता है। वास्तविक अल्ट्रासाउंड से सुरक्षित रास्ता और पास की तंत्रिकाओं, रक्त वाहिकाओं व अन्य संरचनाओं की सुरक्षा तय होती है। गाँठ का सिकुड़ना बाद में जाँचा जाता है; परिणाम तुरंत या निश्चित नहीं होता।त्वचा; गर्दन का अगला हिस्साश्वासनलीथायरॉइडगाँठ

02एंटेना से चुने हुए ऊतक को गर्म करना

एंटेना से चुने हुए ऊतक को गर्म करनायह गर्दन के आड़े काट का सरल चित्र है; गर्दन का अगला हिस्सा ऊपर है। एंटेना त्वचा और थायरॉइड के बीच के हिस्से, यानी इस्थमस, से होकर श्वासनली के ऊपर लक्ष्य की ओर जाता है। वास्तविक अल्ट्रासाउंड से सुरक्षित रास्ता और पास की तंत्रिकाओं, रक्त वाहिकाओं व अन्य संरचनाओं की सुरक्षा तय होती है। गाँठ का सिकुड़ना बाद में जाँचा जाता है; परिणाम तुरंत या निश्चित नहीं होता।त्वचा; गर्दन का अगला हिस्साश्वासनलीथायरॉइडएंटेनागाँठ

03उद्देश्य: गाँठ को धीरे-धीरे छोटा करना

उद्देश्य: गाँठ को धीरे-धीरे छोटा करनायह गर्दन के आड़े काट का सरल चित्र है; गर्दन का अगला हिस्सा ऊपर है। एंटेना त्वचा और थायरॉइड के बीच के हिस्से, यानी इस्थमस, से होकर श्वासनली के ऊपर लक्ष्य की ओर जाता है। वास्तविक अल्ट्रासाउंड से सुरक्षित रास्ता और पास की तंत्रिकाओं, रक्त वाहिकाओं व अन्य संरचनाओं की सुरक्षा तय होती है। गाँठ का सिकुड़ना बाद में जाँचा जाता है; परिणाम तुरंत या निश्चित नहीं होता।त्वचा; गर्दन का अगला हिस्साश्वासनलीथायरॉइडगाँठबाद की जाँच
सरल चित्र। यह गर्दन के आड़े काट का सरल चित्र है; गर्दन का अगला हिस्सा ऊपर है। एंटेना त्वचा और थायरॉइड के बीच के हिस्से, यानी इस्थमस, से होकर श्वासनली के ऊपर लक्ष्य की ओर जाता है। वास्तविक अल्ट्रासाउंड से सुरक्षित रास्ता और पास की तंत्रिकाओं, रक्त वाहिकाओं व अन्य संरचनाओं की सुरक्षा तय होती है। गाँठ का सिकुड़ना बाद में जाँचा जाता है; परिणाम तुरंत या निश्चित नहीं होता।
थायरॉइड में तरल से भरी सिस्ट

01गैर-कैंसर वाली सिस्ट में तरल

गैर-कैंसर वाली सिस्ट में तरलउचित जाँच के बाद, चुनी हुई सिस्ट का तरल बारीक सुई से निकाला जाता है और उसकी अंदरूनी परत का मेडिकल एथेनॉल से उपचार होता है। इस सरल चित्र में उपकरण, प्रक्रिया के विस्तृत चरण या मात्राएँ नहीं दिखाई गई हैं। उपचार के समय सुई सिस्ट के भीतर रहती है; रिसाव से आसपास की संरचनाओं को चोट लग सकती है। सिस्ट दोबारा हो सकती है।त्वचा; गर्दन का अगला हिस्साश्वासनलीथायरॉइडसिस्ट

02तरल निकालकर एथेनॉल से उपचार

तरल निकालकर एथेनॉल से उपचारउचित जाँच के बाद, चुनी हुई सिस्ट का तरल बारीक सुई से निकाला जाता है और उसकी अंदरूनी परत का मेडिकल एथेनॉल से उपचार होता है। इस सरल चित्र में उपकरण, प्रक्रिया के विस्तृत चरण या मात्राएँ नहीं दिखाई गई हैं। उपचार के समय सुई सिस्ट के भीतर रहती है; रिसाव से आसपास की संरचनाओं को चोट लग सकती है। सिस्ट दोबारा हो सकती है।त्वचा; गर्दन का अगला हिस्साश्वासनलीथायरॉइडबारीक सुईसिस्ट

03उद्देश्य: तरल दोबारा जमा होना घटाना

उद्देश्य: तरल दोबारा जमा होना घटानाउचित जाँच के बाद, चुनी हुई सिस्ट का तरल बारीक सुई से निकाला जाता है और उसकी अंदरूनी परत का मेडिकल एथेनॉल से उपचार होता है। इस सरल चित्र में उपकरण, प्रक्रिया के विस्तृत चरण या मात्राएँ नहीं दिखाई गई हैं। उपचार के समय सुई सिस्ट के भीतर रहती है; रिसाव से आसपास की संरचनाओं को चोट लग सकती है। सिस्ट दोबारा हो सकती है।त्वचा; गर्दन का अगला हिस्साश्वासनलीथायरॉइडसिस्टबाद की जाँच
सरल चित्र। उचित जाँच के बाद, चुनी हुई सिस्ट का तरल बारीक सुई से निकाला जाता है और उसकी अंदरूनी परत का मेडिकल एथेनॉल से उपचार होता है। इस सरल चित्र में उपकरण, प्रक्रिया के विस्तृत चरण या मात्राएँ नहीं दिखाई गई हैं। उपचार के समय सुई सिस्ट के भीतर रहती है; रिसाव से आसपास की संरचनाओं को चोट लग सकती है। सिस्ट दोबारा हो सकती है।
धमनी के रास्ते थायरॉइड गाँठ का उपचार

01थायरॉइड की शाखा ऊतक को रक्त देती है

थायरॉइड की शाखा ऊतक को रक्त देती हैथायरॉइड की रक्त आपूर्ति की एक चुनी हुई शाखा दिखाई गई है। कैथेटर और कण धमनी के रास्ते में रहते हैं। गाँठ में सीधे एब्लेशन की सुई डालना अलग प्रक्रिया है। कौन-सी वाहिका और कितना क्षेत्र उपचारित करना है, यह एंजियोग्राफी से तय होता है। गलत क्षेत्र की वाहिकाएँ बंद होने से गंभीर चोट हो सकती है।त्वचा; गर्दन का अगला हिस्साश्वासनलीथायरॉइडथायरॉइड की धमनीगाँठ

02कैथेटर चुनी हुई शाखा तक पहुँचता है

कैथेटर चुनी हुई शाखा तक पहुँचता हैथायरॉइड की रक्त आपूर्ति की एक चुनी हुई शाखा दिखाई गई है। कैथेटर और कण धमनी के रास्ते में रहते हैं। गाँठ में सीधे एब्लेशन की सुई डालना अलग प्रक्रिया है। कौन-सी वाहिका और कितना क्षेत्र उपचारित करना है, यह एंजियोग्राफी से तय होता है। गलत क्षेत्र की वाहिकाएँ बंद होने से गंभीर चोट हो सकती है।त्वचा; गर्दन का अगला हिस्साश्वासनलीथायरॉइडथायरॉइड की धमनीकैथेटर धमनी के भीतर रहता हैगाँठ

03उद्देश्य: उपचारित ऊतक को धीरे-धीरे घटाना

उद्देश्य: उपचारित ऊतक को धीरे-धीरे घटानाथायरॉइड की रक्त आपूर्ति की एक चुनी हुई शाखा दिखाई गई है। कैथेटर और कण धमनी के रास्ते में रहते हैं। गाँठ में सीधे एब्लेशन की सुई डालना अलग प्रक्रिया है। कौन-सी वाहिका और कितना क्षेत्र उपचारित करना है, यह एंजियोग्राफी से तय होता है। गलत क्षेत्र की वाहिकाएँ बंद होने से गंभीर चोट हो सकती है।त्वचा; गर्दन का अगला हिस्साश्वासनलीथायरॉइडथायरॉइड की धमनीगाँठबाद की जाँच
सरल चित्र। थायरॉइड की रक्त आपूर्ति की एक चुनी हुई शाखा दिखाई गई है। कैथेटर और कण धमनी के रास्ते में रहते हैं। गाँठ में सीधे एब्लेशन की सुई डालना अलग प्रक्रिया है। कौन-सी वाहिका और कितना क्षेत्र उपचारित करना है, यह एंजियोग्राफी से तय होता है। गलत क्षेत्र की वाहिकाएँ बंद होने से गंभीर चोट हो सकती है।
सिर या गर्दन में रक्तस्राव

01धमनी की शाखा से रक्तस्राव

धमनी की शाखा से रक्तस्रावयह चुनिंदा रक्त वाहिका के एम्बोलाइज़ेशन का सरल चित्र है। किस वाहिका को और किस पदार्थ से बंद करना है, यह इमेजिंग और मरीज़ की स्थिति पर निर्भर करता है। साँस का रास्ता सुरक्षित रखने और रक्तचाप व रक्तसंचार सँभालने के लिए तत्काल देखभाल भी ज़रूरी हो सकती है।सिर और गर्दन की धमनी की शाखाचुनी हुई शाखाअन्य शाखाएँ खुली रहती हैं

02कैथेटर चुनी हुई शाखा तक पहुँचता है

कैथेटर चुनी हुई शाखा तक पहुँचता हैयह चुनिंदा रक्त वाहिका के एम्बोलाइज़ेशन का सरल चित्र है। किस वाहिका को और किस पदार्थ से बंद करना है, यह इमेजिंग और मरीज़ की स्थिति पर निर्भर करता है। साँस का रास्ता सुरक्षित रखने और रक्तचाप व रक्तसंचार सँभालने के लिए तत्काल देखभाल भी ज़रूरी हो सकती है।सिर और गर्दन की धमनी की शाखाचुनी हुई शाखाअन्य शाखाएँ खुली रहती हैं

03उद्देश्य: रक्तस्राव पर नियंत्रण

उद्देश्य: रक्तस्राव पर नियंत्रणयह चुनिंदा रक्त वाहिका के एम्बोलाइज़ेशन का सरल चित्र है। किस वाहिका को और किस पदार्थ से बंद करना है, यह इमेजिंग और मरीज़ की स्थिति पर निर्भर करता है। साँस का रास्ता सुरक्षित रखने और रक्तचाप व रक्तसंचार सँभालने के लिए तत्काल देखभाल भी ज़रूरी हो सकती है।सिर और गर्दन की धमनी की शाखाचुनी हुई शाखाअन्य शाखाएँ खुली रहती हैंउद्देश्य: लक्ष्य की रक्त आपूर्ति घटाना
सरल चित्र। यह चुनिंदा रक्त वाहिका के एम्बोलाइज़ेशन का सरल चित्र है। किस वाहिका को और किस पदार्थ से बंद करना है, यह इमेजिंग और मरीज़ की स्थिति पर निर्भर करता है। साँस का रास्ता सुरक्षित रखने और रक्तचाप व रक्तसंचार सँभालने के लिए तत्काल देखभाल भी ज़रूरी हो सकती है।

फेफड़े और छाती

खाँसी में खून आना

01ब्रॉन्कियल धमनी की शाखा से रक्तस्राव

ब्रॉन्कियल धमनी की शाखा से रक्तस्रावचित्र में फेफड़े, साँस की नलियाँ और शरीर के मुख्य रक्तसंचार से आने वाली ब्रॉन्कियल धमनियाँ दिखाई गई हैं। ये पल्मोनरी धमनियों से अलग होती हैं। फेफड़े की मूल बीमारी का उपचार भी ज़रूरी है और रक्तस्राव दोबारा हो सकता है।फेफड़े · सामने सेमहाधमनीब्रॉन्कियल धमनियाँरक्तस्राव का स्थान

02कैथेटर उस शाखा तक पहुँचता है

कैथेटर उस शाखा तक पहुँचता हैचित्र में फेफड़े, साँस की नलियाँ और शरीर के मुख्य रक्तसंचार से आने वाली ब्रॉन्कियल धमनियाँ दिखाई गई हैं। ये पल्मोनरी धमनियों से अलग होती हैं। फेफड़े की मूल बीमारी का उपचार भी ज़रूरी है और रक्तस्राव दोबारा हो सकता है।फेफड़े · सामने सेमहाधमनीब्रॉन्कियल धमनियाँरक्तस्राव का स्थान

03उद्देश्य: रक्तस्राव पर नियंत्रण

उद्देश्य: रक्तस्राव पर नियंत्रणचित्र में फेफड़े, साँस की नलियाँ और शरीर के मुख्य रक्तसंचार से आने वाली ब्रॉन्कियल धमनियाँ दिखाई गई हैं। ये पल्मोनरी धमनियों से अलग होती हैं। फेफड़े की मूल बीमारी का उपचार भी ज़रूरी है और रक्तस्राव दोबारा हो सकता है।फेफड़े · सामने सेमहाधमनीब्रॉन्कियल धमनियाँरक्तस्राव का स्थान
सरल चित्र। चित्र में फेफड़े, साँस की नलियाँ और शरीर के मुख्य रक्तसंचार से आने वाली ब्रॉन्कियल धमनियाँ दिखाई गई हैं। ये पल्मोनरी धमनियों से अलग होती हैं। फेफड़े की मूल बीमारी का उपचार भी ज़रूरी है और रक्तस्राव दोबारा हो सकता है।
फेफड़े के आसपास तरल जमा होना

01तरल फेफड़े के बाहर जमा है

तरल फेफड़े के बाहर जमा हैनिकासी की नली फेफड़े के ऊतक के बाहर और डायफ्राम के ऊपर रहती है। फेफड़ा पूरी तरह न फैल पाए, खासकर यदि वह जकड़ा हुआ हो। तरल की निकासी नियंत्रित तरीके से, निगरानी में की जाती है।फेफड़ाप्लूरल तरलनली फेफड़े के बाहर रहती है

02नली प्लूरल स्थान में पहुँचती है

नली प्लूरल स्थान में पहुँचती हैनिकासी की नली फेफड़े के ऊतक के बाहर और डायफ्राम के ऊपर रहती है। फेफड़ा पूरी तरह न फैल पाए, खासकर यदि वह जकड़ा हुआ हो। तरल की निकासी नियंत्रित तरीके से, निगरानी में की जाती है।फेफड़ाप्लूरल तरलनली फेफड़े के बाहर रहती है

03तरल नली से बाहर निकलता है

तरल नली से बाहर निकलता हैनिकासी की नली फेफड़े के ऊतक के बाहर और डायफ्राम के ऊपर रहती है। फेफड़ा पूरी तरह न फैल पाए, खासकर यदि वह जकड़ा हुआ हो। तरल की निकासी नियंत्रित तरीके से, निगरानी में की जाती है।फेफड़ाप्लूरल तरलनली फेफड़े के बाहर रहती है
सरल चित्र। निकासी की नली फेफड़े के ऊतक के बाहर और डायफ्राम के ऊपर रहती है। फेफड़ा पूरी तरह न फैल पाए, खासकर यदि वह जकड़ा हुआ हो। तरल की निकासी नियंत्रित तरीके से, निगरानी में की जाती है।

लिवर और पाचन तंत्र

धमनी के रास्ते लिवर ट्यूमर का उपचार

01धमनी ट्यूमर को रक्त देती है

धमनी ट्यूमर को रक्त देती हैहेपेटिक धमनी और पोर्टल नस अलग वाहिकाएँ हैं। कीमोएम्बोलाइज़ेशन का चुनाव ट्यूमर के प्रकार, चरण और लिवर के काम के अनुसार होता है। दवा का कुछ हिस्सा शरीर के बाकी रक्तसंचार में भी पहुँच सकता है।लिवरहेपेटिक धमनीट्यूमर

02दवा और वाहिका बंद करने वाला पदार्थ पहुँचाना

दवा और वाहिका बंद करने वाला पदार्थ पहुँचानाहेपेटिक धमनी और पोर्टल नस अलग वाहिकाएँ हैं। कीमोएम्बोलाइज़ेशन का चुनाव ट्यूमर के प्रकार, चरण और लिवर के काम के अनुसार होता है। दवा का कुछ हिस्सा शरीर के बाकी रक्तसंचार में भी पहुँच सकता है।लिवरहेपेटिक धमनीट्यूमर

03उद्देश्य: ट्यूमर के चुने हिस्से का उपचार

उद्देश्य: ट्यूमर के चुने हिस्से का उपचारहेपेटिक धमनी और पोर्टल नस अलग वाहिकाएँ हैं। कीमोएम्बोलाइज़ेशन का चुनाव ट्यूमर के प्रकार, चरण और लिवर के काम के अनुसार होता है। दवा का कुछ हिस्सा शरीर के बाकी रक्तसंचार में भी पहुँच सकता है।लिवरहेपेटिक धमनीट्यूमर
सरल चित्र। हेपेटिक धमनी और पोर्टल नस अलग वाहिकाएँ हैं। कीमोएम्बोलाइज़ेशन का चुनाव ट्यूमर के प्रकार, चरण और लिवर के काम के अनुसार होता है। दवा का कुछ हिस्सा शरीर के बाकी रक्तसंचार में भी पहुँच सकता है।
गर्मी से छोटे लिवर ट्यूमर का उपचार

01इमेजिंग में ट्यूमर की पहचान

इमेजिंग में ट्यूमर की पहचानसुरक्षित होने पर उपचार का क्षेत्र दिखाई देने वाले ट्यूमर से थोड़ा आगे तक रखा जाता है। पास की रक्त वाहिकाएँ, पित्त नलियाँ और अन्य अंग तय करने में मदद करते हैं कि यह उपचार उचित है या नहीं। बाद की इमेजिंग से वास्तविक असर जाँचा जाता है।लिवरत्वचाट्यूमर

02प्रोब को लक्ष्य तक पहुँचाना

प्रोब को लक्ष्य तक पहुँचानासुरक्षित होने पर उपचार का क्षेत्र दिखाई देने वाले ट्यूमर से थोड़ा आगे तक रखा जाता है। पास की रक्त वाहिकाएँ, पित्त नलियाँ और अन्य अंग तय करने में मदद करते हैं कि यह उपचार उचित है या नहीं। बाद की इमेजिंग से वास्तविक असर जाँचा जाता है।लिवरत्वचाट्यूमर

03ट्यूमर और आसपास की सीमा का उपचार

ट्यूमर और आसपास की सीमा का उपचारसुरक्षित होने पर उपचार का क्षेत्र दिखाई देने वाले ट्यूमर से थोड़ा आगे तक रखा जाता है। पास की रक्त वाहिकाएँ, पित्त नलियाँ और अन्य अंग तय करने में मदद करते हैं कि यह उपचार उचित है या नहीं। बाद की इमेजिंग से वास्तविक असर जाँचा जाता है।लिवरत्वचाउपचार का क्षेत्र + सीमाट्यूमर
सरल चित्र। सुरक्षित होने पर उपचार का क्षेत्र दिखाई देने वाले ट्यूमर से थोड़ा आगे तक रखा जाता है। पास की रक्त वाहिकाएँ, पित्त नलियाँ और अन्य अंग तय करने में मदद करते हैं कि यह उपचार उचित है या नहीं। बाद की इमेजिंग से वास्तविक असर जाँचा जाता है।
पित्त नली की रुकावट से पीलिया

01रुकावट से पित्त नहीं निकल पाता

रुकावट से पित्त नहीं निकल पाताइस उदाहरण में आंत तक पहुँचने वाली अंदरूनी-बाहरी निकासी दिखाई गई है। केवल बाहर की थैली में निकासी भी एक विकल्प है। स्टेंट लगाया जाए तो उसे रुकावट के दोनों सिरों के पार पहुँचना चाहिए।लिवरपित्त नली में रुकावटलिवर के भीतर पित्त नलियाँआंत

02लिवर के रास्ते पित्त नली तक पहुँचना

लिवर के रास्ते पित्त नली तक पहुँचनाइस उदाहरण में आंत तक पहुँचने वाली अंदरूनी-बाहरी निकासी दिखाई गई है। केवल बाहर की थैली में निकासी भी एक विकल्प है। स्टेंट लगाया जाए तो उसे रुकावट के दोनों सिरों के पार पहुँचना चाहिए।लिवरपित्त नली में रुकावटलिवर के भीतर पित्त नलियाँआंत

03ड्रेन या स्टेंट रुकावट के पार जाता है

ड्रेन या स्टेंट रुकावट के पार जाता हैइस उदाहरण में आंत तक पहुँचने वाली अंदरूनी-बाहरी निकासी दिखाई गई है। केवल बाहर की थैली में निकासी भी एक विकल्प है। स्टेंट लगाया जाए तो उसे रुकावट के दोनों सिरों के पार पहुँचना चाहिए।लिवरपित्त नली में रुकावटलिवर के भीतर पित्त नलियाँआंत
सरल चित्र। इस उदाहरण में आंत तक पहुँचने वाली अंदरूनी-बाहरी निकासी दिखाई गई है। केवल बाहर की थैली में निकासी भी एक विकल्प है। स्टेंट लगाया जाए तो उसे रुकावट के दोनों सिरों के पार पहुँचना चाहिए।
लिवर की रक्त वाहिकाओं में बढ़ा दबाव

01पोर्टल रक्त के प्रवाह में अधिक रुकावट

पोर्टल रक्त के प्रवाह में अधिक रुकावटटिप्स प्रक्रिया में गर्दन की नस से पहुँचकर, लिवर के ऊतक के भीतर पोर्टल नस की शाखा और हेपेटिक नस के बीच रास्ता बनाया जाता है। इससे भ्रम या चेतना में गड़बड़ी बढ़ सकती है तथा लिवर या हृदय के काम पर असर पड़ सकता है। यह हर मरीज़ के लिए उचित नहीं होता।लिवरहृदय की ओरपोर्टल नसहेपेटिक नसलिवर के ऊतक में रास्ता

02लिवर की नस के रास्ते पहुँचना

लिवर की नस के रास्ते पहुँचनाटिप्स प्रक्रिया में गर्दन की नस से पहुँचकर, लिवर के ऊतक के भीतर पोर्टल नस की शाखा और हेपेटिक नस के बीच रास्ता बनाया जाता है। इससे भ्रम या चेतना में गड़बड़ी बढ़ सकती है तथा लिवर या हृदय के काम पर असर पड़ सकता है। यह हर मरीज़ के लिए उचित नहीं होता।लिवरहृदय की ओरपोर्टल नसहेपेटिक नसलिवर के ऊतक में रास्ता

03पोर्टल और हेपेटिक नस को जोड़ना

पोर्टल और हेपेटिक नस को जोड़नाटिप्स प्रक्रिया में गर्दन की नस से पहुँचकर, लिवर के ऊतक के भीतर पोर्टल नस की शाखा और हेपेटिक नस के बीच रास्ता बनाया जाता है। इससे भ्रम या चेतना में गड़बड़ी बढ़ सकती है तथा लिवर या हृदय के काम पर असर पड़ सकता है। यह हर मरीज़ के लिए उचित नहीं होता।लिवरहृदय की ओरपोर्टल नसहेपेटिक नसलिवर के ऊतक में रास्ता
सरल चित्र। टिप्स प्रक्रिया में गर्दन की नस से पहुँचकर, लिवर के ऊतक के भीतर पोर्टल नस की शाखा और हेपेटिक नस के बीच रास्ता बनाया जाता है। इससे भ्रम या चेतना में गड़बड़ी बढ़ सकती है तथा लिवर या हृदय के काम पर असर पड़ सकता है। यह हर मरीज़ के लिए उचित नहीं होता।
नियोजित सर्जरी से पहले लिवर की तैयारी

01बचने वाला लिवर हिस्सा छोटा हो सकता है

बचने वाला लिवर हिस्सा छोटा हो सकता हैआपस में जुड़ी पोर्टल शाखाएँ लिवर के दोनों हिस्सों को रक्त देती हैं। जिस हिस्से को निकालना है, उसकी शाखाएँ बंद की जाती हैं; बचने वाले हिस्से में रक्त जाता रहता है। सर्जरी तय करने से पहले उसकी बढ़त मापना ज़रूरी है।लिवरमरीज़ की दाईं तरफमरीज़ की बाईं तरफनिकाला जाने वाला हिस्साबचाया जाने वाला हिस्सा

02निकाले जाने वाले हिस्से की शाखाएँ बंद करना

निकाले जाने वाले हिस्से की शाखाएँ बंद करनाआपस में जुड़ी पोर्टल शाखाएँ लिवर के दोनों हिस्सों को रक्त देती हैं। जिस हिस्से को निकालना है, उसकी शाखाएँ बंद की जाती हैं; बचने वाले हिस्से में रक्त जाता रहता है। सर्जरी तय करने से पहले उसकी बढ़त मापना ज़रूरी है।लिवरमरीज़ की दाईं तरफमरीज़ की बाईं तरफनिकाला जाने वाला हिस्साबचाया जाने वाला हिस्सा

03उद्देश्य: बचने वाले हिस्से को बढ़ाना

उद्देश्य: बचने वाले हिस्से को बढ़ानाआपस में जुड़ी पोर्टल शाखाएँ लिवर के दोनों हिस्सों को रक्त देती हैं। जिस हिस्से को निकालना है, उसकी शाखाएँ बंद की जाती हैं; बचने वाले हिस्से में रक्त जाता रहता है। सर्जरी तय करने से पहले उसकी बढ़त मापना ज़रूरी है।लिवरमरीज़ की दाईं तरफमरीज़ की बाईं तरफनिकाला जाने वाला हिस्साबचाया जाने वाला हिस्सा
सरल चित्र। आपस में जुड़ी पोर्टल शाखाएँ लिवर के दोनों हिस्सों को रक्त देती हैं। जिस हिस्से को निकालना है, उसकी शाखाएँ बंद की जाती हैं; बचने वाले हिस्से में रक्त जाता रहता है। सर्जरी तय करने से पहले उसकी बढ़त मापना ज़रूरी है।
पेट या आंत से रक्तस्राव

01आमाशय की धमनी की शाखा से खून बहना

आमाशय की धमनी की शाखा से खून बहनास्थान समझाने के लिए आमाशय, छोटी आंत और बड़ी आंत दिखाई गई हैं। इस उदाहरण में आमाशय की धमनी की शाखा का उपचार है। आंत से रक्तस्राव में संबंधित शाखा चुनी जाती है, आमतौर पर एंडोस्कोपी से मूल्यांकन के बाद। आंत की रक्त आपूर्ति बचाना ज़रूरी है; एम्बोलाइज़ेशन से आंत को रक्त कम मिलने का जोखिम रहता है।आमाशय और आंत · सामने सेआमाशयछोटी आंतबड़ी आंतआमाशय की चुनी हुई शाखा

02कैथेटर उस शाखा तक पहुँचता है

कैथेटर उस शाखा तक पहुँचता हैस्थान समझाने के लिए आमाशय, छोटी आंत और बड़ी आंत दिखाई गई हैं। इस उदाहरण में आमाशय की धमनी की शाखा का उपचार है। आंत से रक्तस्राव में संबंधित शाखा चुनी जाती है, आमतौर पर एंडोस्कोपी से मूल्यांकन के बाद। आंत की रक्त आपूर्ति बचाना ज़रूरी है; एम्बोलाइज़ेशन से आंत को रक्त कम मिलने का जोखिम रहता है।आमाशय और आंत · सामने सेआमाशयछोटी आंतबड़ी आंतआमाशय की चुनी हुई शाखा

03उद्देश्य: रक्तस्राव का स्रोत बंद करना

उद्देश्य: रक्तस्राव का स्रोत बंद करनास्थान समझाने के लिए आमाशय, छोटी आंत और बड़ी आंत दिखाई गई हैं। इस उदाहरण में आमाशय की धमनी की शाखा का उपचार है। आंत से रक्तस्राव में संबंधित शाखा चुनी जाती है, आमतौर पर एंडोस्कोपी से मूल्यांकन के बाद। आंत की रक्त आपूर्ति बचाना ज़रूरी है; एम्बोलाइज़ेशन से आंत को रक्त कम मिलने का जोखिम रहता है।आमाशय और आंत · सामने सेआमाशयछोटी आंतबड़ी आंतआमाशय की चुनी हुई शाखा
सरल चित्र। स्थान समझाने के लिए आमाशय, छोटी आंत और बड़ी आंत दिखाई गई हैं। इस उदाहरण में आमाशय की धमनी की शाखा का उपचार है। आंत से रक्तस्राव में संबंधित शाखा चुनी जाती है, आमतौर पर एंडोस्कोपी से मूल्यांकन के बाद। आंत की रक्त आपूर्ति बचाना ज़रूरी है; एम्बोलाइज़ेशन से आंत को रक्त कम मिलने का जोखिम रहता है।

किडनी और डायलिसिस के रास्ते

किडनी से पेशाब निकलने के रास्ते में रुकावट

01रुकावट के ऊपर पेशाब जमा होता है

रुकावट के ऊपर पेशाब जमा होता हैनली किडनी के ऊतक से होकर कैलिक्स और पेशाब एकत्र होने वाले हिस्से तक पहुँचती है। इससे यूरेटर की रुकावट दूर नहीं होती। मूल रुकावट के लिए उपचार की योजना ज़रूरी रहती है।यूरेटर में रुकावटकिडनी का ऊतकपेशाब एकत्र होने का हिस्साबाहर की थैली तक नली

02नली पेशाब एकत्र होने वाले हिस्से में जाती है

नली पेशाब एकत्र होने वाले हिस्से में जाती हैनली किडनी के ऊतक से होकर कैलिक्स और पेशाब एकत्र होने वाले हिस्से तक पहुँचती है। इससे यूरेटर की रुकावट दूर नहीं होती। मूल रुकावट के लिए उपचार की योजना ज़रूरी रहती है।यूरेटर में रुकावटकिडनी का ऊतकपेशाब एकत्र होने का हिस्साबाहर की थैली तक नली

03पेशाब बाहर की थैली में निकलता है

पेशाब बाहर की थैली में निकलता हैनली किडनी के ऊतक से होकर कैलिक्स और पेशाब एकत्र होने वाले हिस्से तक पहुँचती है। इससे यूरेटर की रुकावट दूर नहीं होती। मूल रुकावट के लिए उपचार की योजना ज़रूरी रहती है।यूरेटर में रुकावटकिडनी का ऊतकपेशाब एकत्र होने का हिस्साबाहर की थैली तक नली
सरल चित्र। नली किडनी के ऊतक से होकर कैलिक्स और पेशाब एकत्र होने वाले हिस्से तक पहुँचती है। इससे यूरेटर की रुकावट दूर नहीं होती। मूल रुकावट के लिए उपचार की योजना ज़रूरी रहती है।
डायलिसिस फिस्टुला में कम रक्त प्रवाह

01निकासी की नस में संकुचन

निकासी की नस में संकुचनधमनी सर्जरी से बने जोड़ के आगे भी जाती है; धमनी से रक्त पाने वाली नस उसे हृदय की ओर लौटाती है। थक्का जमा हो तो उसे निकालने की भी ज़रूरत हो सकती है। संकुचन दोबारा हो सकता है।धमनी: हाथ की ओर जाती हैनस: हृदय की ओर लौटती हैसर्जरी से बना जोड़

02गुब्बारे से संकुचन खोला जाता है

गुब्बारे से संकुचन खोला जाता हैधमनी सर्जरी से बने जोड़ के आगे भी जाती है; धमनी से रक्त पाने वाली नस उसे हृदय की ओर लौटाती है। थक्का जमा हो तो उसे निकालने की भी ज़रूरत हो सकती है। संकुचन दोबारा हो सकता है।धमनी: हाथ की ओर जाती हैनस: हृदय की ओर लौटती हैसर्जरी से बना जोड़

03उद्देश्य: रक्त का प्रवाह बेहतर करना

उद्देश्य: रक्त का प्रवाह बेहतर करनाधमनी सर्जरी से बने जोड़ के आगे भी जाती है; धमनी से रक्त पाने वाली नस उसे हृदय की ओर लौटाती है। थक्का जमा हो तो उसे निकालने की भी ज़रूरत हो सकती है। संकुचन दोबारा हो सकता है।धमनी: हाथ की ओर जाती हैनस: हृदय की ओर लौटती हैसर्जरी से बना जोड़
सरल चित्र। धमनी सर्जरी से बने जोड़ के आगे भी जाती है; धमनी से रक्त पाने वाली नस उसे हृदय की ओर लौटाती है। थक्का जमा हो तो उसे निकालने की भी ज़रूरत हो सकती है। संकुचन दोबारा हो सकता है।
काम करता फिस्टुला न होने पर डायलिसिस

01गर्दन की नस से बड़ी नस तक पहुँचना

गर्दन की नस से बड़ी नस तक पहुँचनाटनल वाले डायलिसिस कैथेटर का कफ़ त्वचा के नीचे की सुरंग में रहता है। इस्तेमाल किए गए उपकरण के अनुसार उसके सिरे की स्थिति जाँची जाती है। आगे डायलिसिस के लिए उपयुक्त रास्ते की योजना फिर भी ज़रूरी है।दायाँ अलिंदजुगुलर नसकेंद्रीय नस

02नली त्वचा के नीचे सुरंग से जाती है

नली त्वचा के नीचे सुरंग से जाती हैटनल वाले डायलिसिस कैथेटर का कफ़ त्वचा के नीचे की सुरंग में रहता है। इस्तेमाल किए गए उपकरण के अनुसार उसके सिरे की स्थिति जाँची जाती है। आगे डायलिसिस के लिए उपयुक्त रास्ते की योजना फिर भी ज़रूरी है।दायाँ अलिंदजुगुलर नसकेंद्रीय नसत्वचा की सुरंग में कफ़

03बाहर के सिरों से डायलिसिस होता है

बाहर के सिरों से डायलिसिस होता हैटनल वाले डायलिसिस कैथेटर का कफ़ त्वचा के नीचे की सुरंग में रहता है। इस्तेमाल किए गए उपकरण के अनुसार उसके सिरे की स्थिति जाँची जाती है। आगे डायलिसिस के लिए उपयुक्त रास्ते की योजना फिर भी ज़रूरी है।दायाँ अलिंदजुगुलर नसकेंद्रीय नसत्वचा की सुरंग में कफ़
सरल चित्र। टनल वाले डायलिसिस कैथेटर का कफ़ त्वचा के नीचे की सुरंग में रहता है। इस्तेमाल किए गए उपकरण के अनुसार उसके सिरे की स्थिति जाँची जाती है। आगे डायलिसिस के लिए उपयुक्त रास्ते की योजना फिर भी ज़रूरी है।

श्रोणि और गर्भाशय

फाइब्रॉइड के साथ अधिक मासिक रक्तस्राव

01गर्भाशय की दीवार में फाइब्रॉइड

गर्भाशय की दीवार में फाइब्रॉइडइस चित्र में दिखाए गए फाइब्रॉइड को रक्त देने वाली धमनी का उपचार है; दूसरी तरफ उपचार नहीं दिखाया गया है। वास्तविक उपचार रक्त आपूर्ति के अनुसार होता है और अक्सर गर्भाशय की दोनों धमनियों का उपचार किया जाता है। भविष्य में गर्भधारण की योजना पर अलग से चर्चा ज़रूरी है।गर्भाशय: सामने सेदोनों तरफ गर्भाशय की धमनियाँफाइब्रॉइड

02रक्त देने वाली धमनी में कण पहुँचाना

रक्त देने वाली धमनी में कण पहुँचानाइस चित्र में दिखाए गए फाइब्रॉइड को रक्त देने वाली धमनी का उपचार है; दूसरी तरफ उपचार नहीं दिखाया गया है। वास्तविक उपचार रक्त आपूर्ति के अनुसार होता है और अक्सर गर्भाशय की दोनों धमनियों का उपचार किया जाता है। भविष्य में गर्भधारण की योजना पर अलग से चर्चा ज़रूरी है।गर्भाशय: सामने सेदोनों तरफ गर्भाशय की धमनियाँफाइब्रॉइड

03उद्देश्य: फाइब्रॉइड की रक्त आपूर्ति घटाना

उद्देश्य: फाइब्रॉइड की रक्त आपूर्ति घटानाइस चित्र में दिखाए गए फाइब्रॉइड को रक्त देने वाली धमनी का उपचार है; दूसरी तरफ उपचार नहीं दिखाया गया है। वास्तविक उपचार रक्त आपूर्ति के अनुसार होता है और अक्सर गर्भाशय की दोनों धमनियों का उपचार किया जाता है। भविष्य में गर्भधारण की योजना पर अलग से चर्चा ज़रूरी है।गर्भाशय: सामने सेदोनों तरफ गर्भाशय की धमनियाँफाइब्रॉइड
सरल चित्र। इस चित्र में दिखाए गए फाइब्रॉइड को रक्त देने वाली धमनी का उपचार है; दूसरी तरफ उपचार नहीं दिखाया गया है। वास्तविक उपचार रक्त आपूर्ति के अनुसार होता है और अक्सर गर्भाशय की दोनों धमनियों का उपचार किया जाता है। भविष्य में गर्भधारण की योजना पर अलग से चर्चा ज़रूरी है।
गर्मी से चुने हुए फाइब्रॉइड का उपचार

01गर्भाशय की दीवार में फाइब्रॉइड

गर्भाशय की दीवार में फाइब्रॉइडउपचार का लक्ष्य फाइब्रॉइड का ऊतक है; गर्भाशय की अंदरूनी परत को एब्लेट नहीं किया जाता। इस सरल चित्र में पास की आंत, मूत्राशय और अन्य संरचनाएँ नहीं दिखाई गई हैं; वास्तविक इमेजिंग पर इन्हें देखना ज़रूरी है। पहुँचने का रास्ता अलग हो सकता है। इस प्रैक्टिस में अनुभवी मार्गदर्शक के सहयोग से माइक्रोवेव फाइब्रॉइड एब्लेशन शुरू करने की तैयारी है; पहले ऐसे मामले करने का दावा नहीं है। गर्भधारण की योजना पर अलग से चर्चा ज़रूरी है।त्वचा; रास्ते का सरल चित्रगर्भाशयफाइब्रॉइडलक्ष्य: फाइब्रॉइड का ऊतक

02माइक्रोवेव एंटेना लक्ष्य में पहुँचता है

माइक्रोवेव एंटेना लक्ष्य में पहुँचता हैउपचार का लक्ष्य फाइब्रॉइड का ऊतक है; गर्भाशय की अंदरूनी परत को एब्लेट नहीं किया जाता। इस सरल चित्र में पास की आंत, मूत्राशय और अन्य संरचनाएँ नहीं दिखाई गई हैं; वास्तविक इमेजिंग पर इन्हें देखना ज़रूरी है। पहुँचने का रास्ता अलग हो सकता है। इस प्रैक्टिस में अनुभवी मार्गदर्शक के सहयोग से माइक्रोवेव फाइब्रॉइड एब्लेशन शुरू करने की तैयारी है; पहले ऐसे मामले करने का दावा नहीं है। गर्भधारण की योजना पर अलग से चर्चा ज़रूरी है।त्वचा; रास्ते का सरल चित्रगर्भाशयफाइब्रॉइडलक्ष्य: फाइब्रॉइड का ऊतक

03उद्देश्य: उपचारित ऊतक का धीरे-धीरे सिकुड़ना

उद्देश्य: उपचारित ऊतक का धीरे-धीरे सिकुड़नाउपचार का लक्ष्य फाइब्रॉइड का ऊतक है; गर्भाशय की अंदरूनी परत को एब्लेट नहीं किया जाता। इस सरल चित्र में पास की आंत, मूत्राशय और अन्य संरचनाएँ नहीं दिखाई गई हैं; वास्तविक इमेजिंग पर इन्हें देखना ज़रूरी है। पहुँचने का रास्ता अलग हो सकता है। इस प्रैक्टिस में अनुभवी मार्गदर्शक के सहयोग से माइक्रोवेव फाइब्रॉइड एब्लेशन शुरू करने की तैयारी है; पहले ऐसे मामले करने का दावा नहीं है। गर्भधारण की योजना पर अलग से चर्चा ज़रूरी है।त्वचा; रास्ते का सरल चित्रगर्भाशयफाइब्रॉइडलक्ष्य: फाइब्रॉइड का ऊतक
सरल चित्र। उपचार का लक्ष्य फाइब्रॉइड का ऊतक है; गर्भाशय की अंदरूनी परत को एब्लेट नहीं किया जाता। इस सरल चित्र में पास की आंत, मूत्राशय और अन्य संरचनाएँ नहीं दिखाई गई हैं; वास्तविक इमेजिंग पर इन्हें देखना ज़रूरी है। पहुँचने का रास्ता अलग हो सकता है। इस प्रैक्टिस में अनुभवी मार्गदर्शक के सहयोग से माइक्रोवेव फाइब्रॉइड एब्लेशन शुरू करने की तैयारी है; पहले ऐसे मामले करने का दावा नहीं है। गर्भधारण की योजना पर अलग से चर्चा ज़रूरी है।
श्रोणि की असामान्य नसों से जुड़े लक्षण

01उल्टा प्रवाह श्रोणि की नसों तक पहुँचता है

उल्टा प्रवाह श्रोणि की नसों तक पहुँचता हैयह बाएँ अंडाशय की नस का उदाहरण है। केवल नसें फैली होने से यह तय नहीं होता कि श्रोणि का दर्द उन्हीं के कारण है। दर्द के दूसरे कारणों की जाँच भी ज़रूरी है।बाईं किडनी की नसवेना कावागोनाडल नसबाईं तरफ का उदाहरण

02चुनी हुई गोनाडल नस का उपचार

चुनी हुई गोनाडल नस का उपचारयह बाएँ अंडाशय की नस का उदाहरण है। केवल नसें फैली होने से यह तय नहीं होता कि श्रोणि का दर्द उन्हीं के कारण है। दर्द के दूसरे कारणों की जाँच भी ज़रूरी है।बाईं किडनी की नसवेना कावागोनाडल नसबाईं तरफ का उदाहरण

03उद्देश्य: असामान्य रक्त प्रवाह घटाना

उद्देश्य: असामान्य रक्त प्रवाह घटानायह बाएँ अंडाशय की नस का उदाहरण है। केवल नसें फैली होने से यह तय नहीं होता कि श्रोणि का दर्द उन्हीं के कारण है। दर्द के दूसरे कारणों की जाँच भी ज़रूरी है।बाईं किडनी की नसवेना कावागोनाडल नसबाईं तरफ का उदाहरण
सरल चित्र। यह बाएँ अंडाशय की नस का उदाहरण है। केवल नसें फैली होने से यह तय नहीं होता कि श्रोणि का दर्द उन्हीं के कारण है। दर्द के दूसरे कारणों की जाँच भी ज़रूरी है।
प्रसव के बाद बहुत अधिक रक्तस्राव

01गर्भाशय से रक्तस्राव हो रहा है

गर्भाशय से रक्तस्राव हो रहा हैयह आपातस्थिति में रक्तचाप व रक्तसंचार सँभालने और प्रसूति उपचार के साथ किया जाने वाला सहायक उपचार है। इसके कारण जीवनरक्षक सर्जरी में देरी नहीं होनी चाहिए। गर्भाशय बचने की गारंटी नहीं दी जा सकती।गर्भाशय: सामने सेदोनों तरफ गर्भाशय की धमनियाँगर्भाशय से रक्तस्राव

02गर्भाशय की धमनियाँ बंद की जा सकती हैं

गर्भाशय की धमनियाँ बंद की जा सकती हैंयह आपातस्थिति में रक्तचाप व रक्तसंचार सँभालने और प्रसूति उपचार के साथ किया जाने वाला सहायक उपचार है। इसके कारण जीवनरक्षक सर्जरी में देरी नहीं होनी चाहिए। गर्भाशय बचने की गारंटी नहीं दी जा सकती।गर्भाशय: सामने सेदोनों तरफ गर्भाशय की धमनियाँगर्भाशय से रक्तस्राव

03उद्देश्य: रक्तस्राव रोकने में मदद

उद्देश्य: रक्तस्राव रोकने में मददयह आपातस्थिति में रक्तचाप व रक्तसंचार सँभालने और प्रसूति उपचार के साथ किया जाने वाला सहायक उपचार है। इसके कारण जीवनरक्षक सर्जरी में देरी नहीं होनी चाहिए। गर्भाशय बचने की गारंटी नहीं दी जा सकती।गर्भाशय: सामने सेदोनों तरफ गर्भाशय की धमनियाँगर्भाशय से रक्तस्राव
सरल चित्र। यह आपातस्थिति में रक्तचाप व रक्तसंचार सँभालने और प्रसूति उपचार के साथ किया जाने वाला सहायक उपचार है। इसके कारण जीवनरक्षक सर्जरी में देरी नहीं होनी चाहिए। गर्भाशय बचने की गारंटी नहीं दी जा सकती।

प्रोस्टेट और अंडकोश

बढ़े हुए प्रोस्टेट से पेशाब की परेशानी

01ग्रंथि मूत्रमार्ग को घेरती है

ग्रंथि मूत्रमार्ग को घेरती हैप्रोस्टेट मूत्राशय के नीचे होता है। इसकी धमनियाँ और आसपास के अंगों से उनके संबंध अलग-अलग हो सकते हैं। पेशाब की परेशानी में सुधार तुरंत नहीं होता और निश्चित भी नहीं है। यूरोलॉजी का मूल्यांकन ज़रूरी है।मूत्राशयमूत्रमार्गप्रोस्टेट

02प्रोस्टेट की धमनियों में कण पहुँचाना

प्रोस्टेट की धमनियों में कण पहुँचानाप्रोस्टेट मूत्राशय के नीचे होता है। इसकी धमनियाँ और आसपास के अंगों से उनके संबंध अलग-अलग हो सकते हैं। पेशाब की परेशानी में सुधार तुरंत नहीं होता और निश्चित भी नहीं है। यूरोलॉजी का मूल्यांकन ज़रूरी है।मूत्राशयमूत्रमार्गप्रोस्टेट

03उद्देश्य: ग्रंथि का आकार धीरे-धीरे घटाना

उद्देश्य: ग्रंथि का आकार धीरे-धीरे घटानाप्रोस्टेट मूत्राशय के नीचे होता है। इसकी धमनियाँ और आसपास के अंगों से उनके संबंध अलग-अलग हो सकते हैं। पेशाब की परेशानी में सुधार तुरंत नहीं होता और निश्चित भी नहीं है। यूरोलॉजी का मूल्यांकन ज़रूरी है।मूत्राशयमूत्रमार्गप्रोस्टेट
सरल चित्र। प्रोस्टेट मूत्राशय के नीचे होता है। इसकी धमनियाँ और आसपास के अंगों से उनके संबंध अलग-अलग हो सकते हैं। पेशाब की परेशानी में सुधार तुरंत नहीं होता और निश्चित भी नहीं है। यूरोलॉजी का मूल्यांकन ज़रूरी है।
अंडकोष के आसपास फैली हुई नसें

01गोनाडल नस में रक्त उल्टा बहता है

गोनाडल नस में रक्त उल्टा बहता हैबाईं तरफ की बनावट दिखाई गई है: गोनाडल नस बाईं किडनी की नस में मिलती है। अन्य रास्तों से अंडकोष का रक्त वापस जाता रहता है। लक्षणों या प्रजनन क्षमता में सुधार निश्चित नहीं है; दूसरे कारणों की जाँच भी ज़रूरी है।बाईं किडनी की नसवेना कावागोनाडल नसबाईं तरफ का उदाहरण

02उल्टे प्रवाह वाली नस बंद की जाती है

उल्टे प्रवाह वाली नस बंद की जाती हैबाईं तरफ की बनावट दिखाई गई है: गोनाडल नस बाईं किडनी की नस में मिलती है। अन्य रास्तों से अंडकोष का रक्त वापस जाता रहता है। लक्षणों या प्रजनन क्षमता में सुधार निश्चित नहीं है; दूसरे कारणों की जाँच भी ज़रूरी है।बाईं किडनी की नसवेना कावागोनाडल नसबाईं तरफ का उदाहरण

03उद्देश्य: उल्टा रक्त प्रवाह घटाना

उद्देश्य: उल्टा रक्त प्रवाह घटानाबाईं तरफ की बनावट दिखाई गई है: गोनाडल नस बाईं किडनी की नस में मिलती है। अन्य रास्तों से अंडकोष का रक्त वापस जाता रहता है। लक्षणों या प्रजनन क्षमता में सुधार निश्चित नहीं है; दूसरे कारणों की जाँच भी ज़रूरी है।बाईं किडनी की नसवेना कावागोनाडल नसबाईं तरफ का उदाहरण
सरल चित्र। बाईं तरफ की बनावट दिखाई गई है: गोनाडल नस बाईं किडनी की नस में मिलती है। अन्य रास्तों से अंडकोष का रक्त वापस जाता रहता है। लक्षणों या प्रजनन क्षमता में सुधार निश्चित नहीं है; दूसरे कारणों की जाँच भी ज़रूरी है।

पैर का रक्तसंचार और नसें

धमनियाँ संकरी होने से पैर में दर्द

01जमाव से धमनी का रास्ता संकरा होता है

जमाव से धमनी का रास्ता संकरा होता हैगुब्बारा और स्टेंट धमनी के भीतर रहते हैं। हर मामले में स्टेंट ज़रूरी नहीं होता। व्यायाम, जोखिम बढ़ाने वाले कारणों का नियंत्रण, दवाएँ और कभी-कभी बायपास सर्जरी भी महत्वपूर्ण हैं।पैर की धमनी का बड़ा चित्रपाँव की ओर →धमनी की दीवार

02गुब्बारा संकरे हिस्से को खोलता है

गुब्बारा संकरे हिस्से को खोलता हैगुब्बारा और स्टेंट धमनी के भीतर रहते हैं। हर मामले में स्टेंट ज़रूरी नहीं होता। व्यायाम, जोखिम बढ़ाने वाले कारणों का नियंत्रण, दवाएँ और कभी-कभी बायपास सर्जरी भी महत्वपूर्ण हैं।पैर की धमनी का बड़ा चित्रपाँव की ओर →धमनी की दीवार

03स्टेंट रास्ता खुला रखने में मदद कर सकता है

स्टेंट रास्ता खुला रखने में मदद कर सकता हैगुब्बारा और स्टेंट धमनी के भीतर रहते हैं। हर मामले में स्टेंट ज़रूरी नहीं होता। व्यायाम, जोखिम बढ़ाने वाले कारणों का नियंत्रण, दवाएँ और कभी-कभी बायपास सर्जरी भी महत्वपूर्ण हैं।पैर की धमनी का बड़ा चित्रपाँव की ओर →धमनी की दीवार
सरल चित्र। गुब्बारा और स्टेंट धमनी के भीतर रहते हैं। हर मामले में स्टेंट ज़रूरी नहीं होता। व्यायाम, जोखिम बढ़ाने वाले कारणों का नियंत्रण, दवाएँ और कभी-कभी बायपास सर्जरी भी महत्वपूर्ण हैं।
पैर की सतही नस में उल्टा रक्त प्रवाह

01सतही नस में रक्त पीछे लौटता है

सतही नस में रक्त पीछे लौटता हैग्रेट सैफेनस नस एक गहरी नस में मिलती है; गहरी नस खुली रहती है। इस लेज़र उदाहरण में दोनों नसों के जोड़ को सुरक्षित रखा गया है। शाखाओं के उपचार और बाद की जाँच की भी ज़रूरत हो सकती है।गहरी नससतही नस

02फ़ाइबर चुने हुए हिस्से का उपचार करता है

फ़ाइबर चुने हुए हिस्से का उपचार करता हैग्रेट सैफेनस नस एक गहरी नस में मिलती है; गहरी नस खुली रहती है। इस लेज़र उदाहरण में दोनों नसों के जोड़ को सुरक्षित रखा गया है। शाखाओं के उपचार और बाद की जाँच की भी ज़रूरत हो सकती है।गहरी नससतही नसउपचार के दौरान फ़ाइबर पीछे खींचना

03गहरी नसों से रक्त वापस जाता रहता है

गहरी नसों से रक्त वापस जाता रहता हैग्रेट सैफेनस नस एक गहरी नस में मिलती है; गहरी नस खुली रहती है। इस लेज़र उदाहरण में दोनों नसों के जोड़ को सुरक्षित रखा गया है। शाखाओं के उपचार और बाद की जाँच की भी ज़रूरत हो सकती है।गहरी नससतही नस
सरल चित्र। ग्रेट सैफेनस नस एक गहरी नस में मिलती है; गहरी नस खुली रहती है। इस लेज़र उदाहरण में दोनों नसों के जोड़ को सुरक्षित रखा गया है। शाखाओं के उपचार और बाद की जाँच की भी ज़रूरत हो सकती है।
पैर की गहरी नस में रक्त का थक्का

01थक्के से नस में रुकावट

थक्के से नस में रुकावटडीवीटी का सामान्य उपचार खून जमने से रोकने वाली दवाएँ हैं। कैथेटर से उपचार चुनिंदा मामलों में किया जाता है। थक्का हटने के बाद बचा संकुचन उपयुक्त हो, तभी स्टेंट पर विचार किया जाता है।पैर की गहरी नस: बड़ा चित्ररक्त हृदय की ओर लौटता है →

02चुनिंदा मामलों में कैथेटर से उपचार

चुनिंदा मामलों में कैथेटर से उपचारडीवीटी का सामान्य उपचार खून जमने से रोकने वाली दवाएँ हैं। कैथेटर से उपचार चुनिंदा मामलों में किया जाता है। थक्का हटने के बाद बचा संकुचन उपयुक्त हो, तभी स्टेंट पर विचार किया जाता है।पैर की गहरी नस: बड़ा चित्ररक्त हृदय की ओर लौटता है →

03उद्देश्य: थक्के की मात्रा घटाना

उद्देश्य: थक्के की मात्रा घटानाडीवीटी का सामान्य उपचार खून जमने से रोकने वाली दवाएँ हैं। कैथेटर से उपचार चुनिंदा मामलों में किया जाता है। थक्का हटने के बाद बचा संकुचन उपयुक्त हो, तभी स्टेंट पर विचार किया जाता है।पैर की गहरी नस: बड़ा चित्ररक्त हृदय की ओर लौटता है →
सरल चित्र। डीवीटी का सामान्य उपचार खून जमने से रोकने वाली दवाएँ हैं। कैथेटर से उपचार चुनिंदा मामलों में किया जाता है। थक्का हटने के बाद बचा संकुचन उपयुक्त हो, तभी स्टेंट पर विचार किया जाता है।
थक्के से जुड़े चुनिंदा जोखिमों में फ़िल्टर

01थक्का फेफड़ों की ओर जा सकता है

थक्का फेफड़ों की ओर जा सकता हैसामान्य शंकु आकार के फ़िल्टर का सिरा हृदय की ओर होता है। इसे किडनी की नसों के मिलने की जगह के नीचे लगाया जाता है। यह पैर के थक्के को घोलता नहीं और थक्के के बहकर जाने का पूरा जोखिम दूर नहीं करता। फ़िल्टर निकालने की योजना ज़रूरी है।हृदय की ओरकिडनी की नसेंकिडनी की नसों के नीचे

02किडनी की नसों के नीचे फ़िल्टर लगाना

किडनी की नसों के नीचे फ़िल्टर लगानासामान्य शंकु आकार के फ़िल्टर का सिरा हृदय की ओर होता है। इसे किडनी की नसों के मिलने की जगह के नीचे लगाया जाता है। यह पैर के थक्के को घोलता नहीं और थक्के के बहकर जाने का पूरा जोखिम दूर नहीं करता। फ़िल्टर निकालने की योजना ज़रूरी है।हृदय की ओरकिडनी की नसेंकिडनी की नसों के नीचे

03फ़िल्टर बहते थक्के को रोक सकता है

फ़िल्टर बहते थक्के को रोक सकता हैसामान्य शंकु आकार के फ़िल्टर का सिरा हृदय की ओर होता है। इसे किडनी की नसों के मिलने की जगह के नीचे लगाया जाता है। यह पैर के थक्के को घोलता नहीं और थक्के के बहकर जाने का पूरा जोखिम दूर नहीं करता। फ़िल्टर निकालने की योजना ज़रूरी है।हृदय की ओरकिडनी की नसेंकिडनी की नसों के नीचे
सरल चित्र। सामान्य शंकु आकार के फ़िल्टर का सिरा हृदय की ओर होता है। इसे किडनी की नसों के मिलने की जगह के नीचे लगाया जाता है। यह पैर के थक्के को घोलता नहीं और थक्के के बहकर जाने का पूरा जोखिम दूर नहीं करता। फ़िल्टर निकालने की योजना ज़रूरी है।

रीढ़

रीढ़ की दबी हुई हड्डी में दर्द

01कशेरुका की हड्डी में फ्रैक्चर

कशेरुका की हड्डी में फ्रैक्चरआड़े काट के इस चित्र में सुई रीढ़ की नली के बगल से, पेडिकल नामक हड्डी के हिस्से के रास्ते जाती है। चित्र से हड्डी की ऊँचाई लौटने या दर्द निश्चित रूप से दूर होने का अर्थ न लें।शरीर का अगला हिस्साशरीर का पिछला हिस्साकशेरुका की हड्डीरीढ़ की नली

02सुई हड्डी के पेडिकल से पहुँचती है

सुई हड्डी के पेडिकल से पहुँचती हैआड़े काट के इस चित्र में सुई रीढ़ की नली के बगल से, पेडिकल नामक हड्डी के हिस्से के रास्ते जाती है। चित्र से हड्डी की ऊँचाई लौटने या दर्द निश्चित रूप से दूर होने का अर्थ न लें।शरीर का अगला हिस्साशरीर का पिछला हिस्साकशेरुका की हड्डीरीढ़ की नलीसुई

03सीमेंट से टूटी हड्डी को सहारा

सीमेंट से टूटी हड्डी को सहाराआड़े काट के इस चित्र में सुई रीढ़ की नली के बगल से, पेडिकल नामक हड्डी के हिस्से के रास्ते जाती है। चित्र से हड्डी की ऊँचाई लौटने या दर्द निश्चित रूप से दूर होने का अर्थ न लें।शरीर का अगला हिस्साशरीर का पिछला हिस्साकशेरुका की हड्डीरीढ़ की नलीसुई
सरल चित्र। आड़े काट के इस चित्र में सुई रीढ़ की नली के बगल से, पेडिकल नामक हड्डी के हिस्से के रास्ते जाती है। चित्र से हड्डी की ऊँचाई लौटने या दर्द निश्चित रूप से दूर होने का अर्थ न लें।

बायोप्सी, तरल निकासी और सहायक प्रक्रियाएँ

बायोप्सी: अंग के ऊतक का नमूना लेना

01इमेजिंग से नमूने का स्थान चुनना

इमेजिंग से नमूने का स्थान चुननालिवर की एक गाँठ के उदाहरण से इमेजिंग की मदद से बायोप्सी दिखाई गई है। फेफड़े, किडनी, लिवर या अन्य ऊतकों का नमूना लिया जा सकता है; रास्ता और स्थान अंग के अनुसार बदलते हैं। किडनी की बायोप्सी में आमतौर पर बाहरी ऊतक, यानी कॉर्टेक्स, से नमूना लिया जाता है। नमूना लेने से गाँठ निकलती नहीं और निदान मिलना निश्चित नहीं है; दोबारा नमूना लेना पड़ सकता है।त्वचालिवरनमूने का स्थान

02सुई से उस स्थान का नमूना लेना

सुई से उस स्थान का नमूना लेनालिवर की एक गाँठ के उदाहरण से इमेजिंग की मदद से बायोप्सी दिखाई गई है। फेफड़े, किडनी, लिवर या अन्य ऊतकों का नमूना लिया जा सकता है; रास्ता और स्थान अंग के अनुसार बदलते हैं। किडनी की बायोप्सी में आमतौर पर बाहरी ऊतक, यानी कॉर्टेक्स, से नमूना लिया जाता है। नमूना लेने से गाँठ निकलती नहीं और निदान मिलना निश्चित नहीं है; दोबारा नमूना लेना पड़ सकता है।त्वचालिवरनमूने का स्थान

03प्रयोगशाला में नमूने की जाँच

प्रयोगशाला में नमूने की जाँचलिवर की एक गाँठ के उदाहरण से इमेजिंग की मदद से बायोप्सी दिखाई गई है। फेफड़े, किडनी, लिवर या अन्य ऊतकों का नमूना लिया जा सकता है; रास्ता और स्थान अंग के अनुसार बदलते हैं। किडनी की बायोप्सी में आमतौर पर बाहरी ऊतक, यानी कॉर्टेक्स, से नमूना लिया जाता है। नमूना लेने से गाँठ निकलती नहीं और निदान मिलना निश्चित नहीं है; दोबारा नमूना लेना पड़ सकता है।त्वचालिवरऊतक का नमूनानमूने का स्थान
सरल चित्र। लिवर की एक गाँठ के उदाहरण से इमेजिंग की मदद से बायोप्सी दिखाई गई है। फेफड़े, किडनी, लिवर या अन्य ऊतकों का नमूना लिया जा सकता है; रास्ता और स्थान अंग के अनुसार बदलते हैं। किडनी की बायोप्सी में आमतौर पर बाहरी ऊतक, यानी कॉर्टेक्स, से नमूना लिया जाता है। नमूना लेने से गाँठ निकलती नहीं और निदान मिलना निश्चित नहीं है; दोबारा नमूना लेना पड़ सकता है।
शरीर के भीतर मवाद या तरल जमा होना

01त्वचा के नीचे तरल का जमाव

त्वचा के नीचे तरल का जमावनिकासी की नली का सिरा जमाव के भीतर रहता है। एंटीबायोटिक और मूल कारण का उपचार भी ज़रूरी हो सकता है। नली बंद हो सकती है या उसकी स्थिति बदलनी पड़ सकती है।शरीर के बाहरशरीर के भीतरत्वचातरल का जमाव

02कैथेटर जमाव के भीतर पहुँचता है

कैथेटर जमाव के भीतर पहुँचता हैनिकासी की नली का सिरा जमाव के भीतर रहता है। एंटीबायोटिक और मूल कारण का उपचार भी ज़रूरी हो सकता है। नली बंद हो सकती है या उसकी स्थिति बदलनी पड़ सकती है।शरीर के बाहरशरीर के भीतरत्वचातरल का जमावनिकासी की थैली

03तरल बाहर लगी थैली में निकलता है

तरल बाहर लगी थैली में निकलता हैनिकासी की नली का सिरा जमाव के भीतर रहता है। एंटीबायोटिक और मूल कारण का उपचार भी ज़रूरी हो सकता है। नली बंद हो सकती है या उसकी स्थिति बदलनी पड़ सकती है।शरीर के बाहरशरीर के भीतरत्वचातरल का जमावनिकासी की थैली
सरल चित्र। निकासी की नली का सिरा जमाव के भीतर रहता है। एंटीबायोटिक और मूल कारण का उपचार भी ज़रूरी हो सकता है। नली बंद हो सकती है या उसकी स्थिति बदलनी पड़ सकती है।
कैंसर की दवाओं के लिए बार-बार नस तक पहुँच

01बड़ी नस तक पहुँचने का रास्ता

बड़ी नस तक पहुँचने का रास्ताकैथेटर नस में प्रवेश करके बड़ी केंद्रीय नस तक जाता है। पोर्ट त्वचा के नीचे रहता है। उसमें उपयुक्त नॉन-कोरिंग सुई लगाई जाती है, जो पोर्ट की झिल्ली का टुकड़ा नहीं काटती।दायाँ अलिंदजुगुलर नसकेंद्रीय नस

02छोटा पोर्ट त्वचा के नीचे रहता है

छोटा पोर्ट त्वचा के नीचे रहता हैकैथेटर नस में प्रवेश करके बड़ी केंद्रीय नस तक जाता है। पोर्ट त्वचा के नीचे रहता है। उसमें उपयुक्त नॉन-कोरिंग सुई लगाई जाती है, जो पोर्ट की झिल्ली का टुकड़ा नहीं काटती।दायाँ अलिंदजुगुलर नसकेंद्रीय नसत्वचा के नीचे पोर्ट

03सुई से पोर्ट में दवा दी जाती है

सुई से पोर्ट में दवा दी जाती हैकैथेटर नस में प्रवेश करके बड़ी केंद्रीय नस तक जाता है। पोर्ट त्वचा के नीचे रहता है। उसमें उपयुक्त नॉन-कोरिंग सुई लगाई जाती है, जो पोर्ट की झिल्ली का टुकड़ा नहीं काटती।दायाँ अलिंदजुगुलर नसकेंद्रीय नसत्वचा के नीचे पोर्ट
सरल चित्र। कैथेटर नस में प्रवेश करके बड़ी केंद्रीय नस तक जाता है। पोर्ट त्वचा के नीचे रहता है। उसमें उपयुक्त नॉन-कोरिंग सुई लगाई जाती है, जो पोर्ट की झिल्ली का टुकड़ा नहीं काटती।
बहुत अधिक रक्त आपूर्ति वाला ट्यूमर

01छोटी धमनियाँ ट्यूमर को रक्त देती हैं

छोटी धमनियाँ ट्यूमर को रक्त देती हैंयह नियोजित सर्जरी में मदद करता है। इससे ट्यूमर निकलता नहीं और ऑपरेशन में रक्तस्राव न होने की गारंटी नहीं मिलती। इसका समय सर्जरी की टीम के साथ तय किया जाता है।ट्यूमर को रक्त देने वाली धमनीचुनी हुई शाखाअन्य शाखाएँ खुली रहती हैं

02चुनी हुई शाखाएँ बंद की जाती हैं

चुनी हुई शाखाएँ बंद की जाती हैंयह नियोजित सर्जरी में मदद करता है। इससे ट्यूमर निकलता नहीं और ऑपरेशन में रक्तस्राव न होने की गारंटी नहीं मिलती। इसका समय सर्जरी की टीम के साथ तय किया जाता है।ट्यूमर को रक्त देने वाली धमनीचुनी हुई शाखाअन्य शाखाएँ खुली रहती हैं

03उद्देश्य: ऑपरेशन में रक्तस्राव घटाना

उद्देश्य: ऑपरेशन में रक्तस्राव घटानायह नियोजित सर्जरी में मदद करता है। इससे ट्यूमर निकलता नहीं और ऑपरेशन में रक्तस्राव न होने की गारंटी नहीं मिलती। इसका समय सर्जरी की टीम के साथ तय किया जाता है।ट्यूमर को रक्त देने वाली धमनीचुनी हुई शाखाअन्य शाखाएँ खुली रहती हैंउद्देश्य: लक्ष्य की रक्त आपूर्ति घटाना
सरल चित्र। यह नियोजित सर्जरी में मदद करता है। इससे ट्यूमर निकलता नहीं और ऑपरेशन में रक्तस्राव न होने की गारंटी नहीं मिलती। इसका समय सर्जरी की टीम के साथ तय किया जाता है।

संदर्भ (अंग्रेज़ी में): ACR/RSNA: मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं के उपचार; टिप्स; आईवीसी फ़िल्टर.